किसान खेती

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अंतर्राष्ट्रीय कृषि -पत्रिका

Kisaan Kheti

'Evolve Your Consciousness About Farmer and Farming'

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पॉपुलर खेती और किसान खेती के सभी सदस्यों को संदेश

सम्मानित सदस्य
(लेखकों और संपादकों)
पॉपुलर खेती और किसान खेती पत्रिकाएं,


यह सार्वभौमिक सत्य है कि एक दिन, एक पल के समय में; हम में से प्रत्येक को अपने परम पिता के पास वापस जाना है। लेकिन वह पल कब आएगा? अपने सामान्य जीवन में कोई भी नहीं जानता है। केवल परमपिता परमेश्वर जानता है कि आखिरी सांस कब समाप्त होगी। यह भी सच है कि इस नाशवान दुनिया में किसी के पास स्वतंत्र   इच्छा नहीं है, अगर ऐसा नहीं होता, तो हम हर कार्य समय पर और हमारी इच्छाओं के अनुसार कर लेते, लेकिन ऐसा नहीं है, इसलिए हमारे हाथ में कुछ भी नहीं है। इसलिए इस तरह की परिस्थितियों में कई कार्य अधूरे बने रहते हैं और इस तरह से किसी के साथ की गई उम्मीद पूरी नहीं होती है। हम इस अनुरोध के साथ यह संदेश लिखते हैं कि कृपया समय पर सबकुछ पूरा करने के लिए हमसे कोई उम्मीद न करें। यह दुनिया और उसकी सभी सेवाएँ अपूर्ण हैं और हमेशा अपूर्ण रहेंगी। इस प्रकाशन को चलाने के लिए हमारा काम भी अपरिपूर्णता का एक हिस्सा है और आपकी उम्मीद को पूरा करने की कोई गारंटी नहीं है। अतः किसी से भी कोई उम्मीद छोड़ देना ही बेहतर है और सभी उम्मीदों से मुक्त रहने की कोशिश करनी चाहिए। अगर किसी से कोई उम्मीद ही नहीं है, तो उससे कोई आघात भी नहीं पहुँचेगा। विलोपन के लिए अतीत से निकल जाना चाहिए, समुन्नति के लिए वर्तमान में बने रहना ही बेहतर है लेकिन सतर्कता के लिए आने वाले कल को जरूर याद रखना चाहिए (सार्वभौमिक सत्य की सतर्कता)।

 

किसी भी कारण से पॉपुलर खेती या किसान खेती में जिनके लेखों को शामिल नहीं किये जा सके, उनसे हम दिल से माफी मांगते हैं।


इन पत्रिकाओं के सुधार के लिए चाहे संपादन के जरिये, समीक्षा अथवा पठन या सामूहिक अपील के द्वारा विभिन्न रूपों में आपके बहुमूल्य योगदान के लिए हम आप प्रत्येक व्यक्ति के प्रति दिल से आभारी हैं। विभिन्न माध्यमों से इस मिशन को इस स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने वाले सभी महानुभावों का भी हम हार्दिक आभार प्रकट करते हैं ।

 

हम किसी भी उम्मीद पर खरा उतरने में   बिलकुल असमर्थ हैं। सिर्फ सर्वशक्तिमान की कृपा से कोशिश करने की चेष्टा कर रहे हैं।


आप सभी के सहयोग और समर्थन के लिए एक बार फिर से आप सभी को बहुत बहुत आभार व धन्यवाद।
सादर वंदन के साथ,
प्रकाशक
पॉपुलर खेती और किसान खेती
(कृषि की ऑनलाइन ई-पत्रिकाएं)