किसान खेती

किसान और खेती के प्रति चेतना विकसित करें
ई-आई.एस.एस.एन.: 2348-2265

अंतर्राष्ट्रीय कृषि -पत्रिका

Kisaan Kheti

'Evolve Your Consciousness About Farmer and Farming'

 

वर्ष - , अंक - , अप्रैल - जून , २०१४

(Volume - 1, Issue - 2, April - June, 2014)

क्रम सं .

शीर्षक और लेखक

पृष्ठ सं .

I.

संपादकीय - किसान व इंटरनेट : आज की जरुरत - मूला राम

1

बीज और उत्पादन तकनीक

1.

बीजोपचार का कृषि में महत्व

राजेश कुमार , शेषनाथ मिश्राऔर योगिता राणावत

2-3

2.

संकर सूरजमुखी की बीजोत्पादन तकनीक

एच . पी . मीणा औरआर . के . राठौड .

4-12

3.

राजस्थान में बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण तकनीक

जोगेन्द्रसिंह

13-15

फसलोत्पादन

4.

मरू क्षेत्र में व्यावसायिक दृष्टिकोण से खरीफ तिलहनों का वैज्ञानिक फसलोत्पादन

लोकेश कुमार जैन औरहनुमान प्रसाद परेवा

16-20

5.

शुष्क क्षेत्र   में इसबगोल   की खेती : नकदीय और औषधीय उपयोग

बनवारीलाल , हरी नारायण वर्माऔर हनुमान प्रसादपरेवा

21-22

 

6.

ग्रीष्म काल में चारे का विकल्प : रिजका बाजरी

लोकेश कुमार जैन

23-24

 

7.

ज्वार की खेती के लिए उन्नत सस्य विधियां

गोपाल लाल चौधरी , कैलाशप्रजापत , सेवा राम रुण्डलाऔर सीता कुमावत

25-30

 

उद्यानिकी

8.

सब्ज़ियों की नर्सरी एवं इसका प्रबंधन

सी . पी . मीना

31-33

 

9.

फलदार पौधों की रोपाई एवं देखभाल

विनोद कुमार सोलंकी , राजेशकुमार गोठवाल , राजकुमार   औरजोगेन्द्र सिंह

34-35

10.

पॉलीहाउस में जरबेरा की व्यवसायिक खेती

महेश चौधरी , अनोप कुमारीऔर रुपाली शर्मा

36-39

11.

जोजोबा : शुष्क क्षेत्र में विकास की सम्भावना वाली तेलिय फसल

हरबंस ओळख , घूमरे विकास , बबिता खाची और ओमकारगावकरे

40-41

पोषक तत्व प्रबंधन

12.

जैव उर्वरक : वर्तमान समय की मांग

रूपा राम जाखड़ , दिनेशकुमार और पी . एस . शेखावत

42

13.

हरी खाद मिटटी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने का सस्ता साधन

राजेश कुमार , शेषनाथ मिश्राऔर योगिता राणावत

 

43-44

 

14.

वर्मीकम्पोस्ट का वर्तमान कृषि के टिकाऊपन में योगदान

जे . के . बलियान , आर . एस . चौधरी औरएन . एल . डांगी

45-50

15.

सल्फर तिलहन उत्पादन में महत्वपूर्ण तत्व

आर . सी . सांवल , नरेंद्रकुमावत , रेखा रेगर औरचंद्रभान

51-53

 

पादप संरक्षण

16.

गोभीवर्गीय सब्ज़ियों को नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख कीट व व्याधियां एवं उनका नियंत्रण

जी . सी . जाट , पी . सी . यादव , . पी . अमेटा , एच . एल . देशवाल , आर . कुमार जाट और श्रवणलाल

54-56

17.

जायद की कुष्मांड कुल की सब्जियों में कीट और रोग प्रबंधन

जगदीश प्रसाद , विनोद कुमारगौड ., . के . मीणा और बीरबलनाथ

57-58

18.

टमाटर की फसल में कीट , माईट एवं सूत्रकृमि प्रबंधन

ओमकार गावकरे , अरविन्द कुमारऔर अनिल

 

59-60

19.

टमाटर की फसल के प्रमुख रोग एवं रोकथाम

रेखा कुमावत और भूरीसिंह

61-62

20.

फसलों की रक्षक काली सेना

शिखा शर्मा और कल्याणीकुमारी

63-65

 

21.

बी . टी . कपास के बीज की शुद्धता जाँचने के लिए बी . टी . जाँच किट

कनिका , दुष्यंत प्रताप सिंह , धर्मराजसिंह , अमित कुमार सिंहऔर शिव कुमार

66-69

 

22.

कैसे करें चूहों की समस्या का निदान

एच . पी . वर्मा , पी . के . चोवटिया , बलवानऔर डी . सुंदरिया

70-71

 

23.

नील गायों से बर्बाद होती खेती

डॉ . सुशील कुमार राय

72-73

 

फसल प्रसंस्करण

24.

चारा प्रबंधन हेतु कटाई उपरांत ख़राब गुणवत्ता के फसल अवशेष की प्रोसेसिंग ( प्रसंस्करण )

शेषनाथमिश्रा , मनोज कुमार औरराजेश कुमार

74-77

बाजार और आर्थिक परिप्रेक्ष्य

25.

आधुनिक कृषि बाज़ार की व्यवस्था

बंशीलालवर्मा , आर . सी . कुमावतऔर विनोद कुमारवर्मा

78-80

 

 

26.

व्यवसाय का पूर्वानुमान लगाना कितना लाभकारी है

विनोद कुमार वर्मा , प्रदीपकुमार , बंशीलाल वर्मा औरविकास पावरीया

81-87

विचारात्मकलेख

27.

भारतीय कृषि : समस्याएं एवं निराकरण

रामराजप्रजापत और विनोदकुमार वर्मा

88-90

 

28.

कृषि विविधीकरण से खेती को लाभदायक बनायें

आर . एस . राठौड .

91-92

29.

कृषि में रसायन का प्रयोग

शाअनकुमारदास

93-94

30.

जैव विविधता और आर्थिक मूल्य : एक परिप्रेक्ष्य

विकास पावड़िया , विनोद कुमारऔर सुनीता

95-96