किसान खेती

किसान और खेती के प्रति चेतना विकसित करें
ई-आई.एस.एस.एन.: 2348-2265

अंतर्राष्ट्रीय कृषि -पत्रिका

Kisaan Kheti

'Evolve Your Consciousness About Farmer and Farming'

   स्वागतम (Welcome)      2018      2018-4
 

वर्ष - ५, अंक – (अक्टूबर - दिसंबर) २०१

 (Volume–5, No.-4, October-December, 2018)

 

क्रम सं.

शीर्षक और लेखक

पृष्ठ सं.

i.

संपादकीय

i

1.        

आलू बीज उत्पादन में बीज गुणवत्ता का महत्व

सुगनी देवी, मो. अब्बास शाह और आर. के. सिंह

1-8

2.        

राजस्थान के आँद्र दक्षिणी एंव पुर्वी जलवायु खण्ड के अन्तर्गत रजनीगंधा की खेती

राहुल ब्याडवाल, जगदीश प्रसाद राठौर, मनीष कुमार मीना, भूरि सिंह और पवन कुमार नागर

9-12

3.        

गेंदे की उन्नत खेती

अभिनव कुमार और अशोक कुमार

13-15

4.        

सुगंधित फूल गुलाब की खेती

आका सिंह, अरूण कुमार, जितेन्द्र कुमार, एस. के. सिंह और बिजेन्द्र सिंह

16-17

5.        

एलोय वेरा के औषधीय गुण तथा लाभ

संदीप कुमार मौर्य, रमा मौर्य और अखिलेश कुमार पाल

18-20

6.        

राइजोबियम जैव उर्वरक का दलहनी फसलों में महत्व

उत्कर्ष सिंह राठौर, संदीप कुमार और कृष्ण कुमार

21-23

7.        

सोयाबीन की अधिक पैदावार में सहायक पादप कार्यकी कारक

महाराज सिंह और शिवानी नागर

24-26

8.        

बीजों का रखरखाव एवं सुरक्षित भण्डारण

पूनम कुमारी और लखमाराम चौधरी

27-29

9.        

पशु पोषण एवं पशु आहार निर्धारण

रमाकांत शर्मा, दिनेश राजपुरोहित और डी.एस. भाटी

30-34

10.       

प्रकाश-काल प्रबंधन द्वारा दुधारू पशुओं से बेहतर दुग्ध प्राप्ति

अमित कुमार सिंह और सूर्यकान्त रॉय

35-36

11.       

मधुमक्खी और तितली की कृषि में भूमिका

अरूण कुमार, आकाश सिंह और जितेन्द्र कुमार

37-38

12.       

लहसुन के गुणकारी उत्पाद

सुमन गठाला, लक्ष्मण जाट, सुमन कुमारी यादव और आरती यादव

39-41

13.       

खाद्य परिरक्षण एवं संरक्षण की विधियां

पूनम कुमारी, शिवभगवान, अनिरुद्ध और राकेश कुमार

42-44

14.       

फलों की बागबानी में किनारे हटने वाले रोटावेटर यंत्र की उपयोगिता एवं विशेषताएं

शरद कुमार नामदेव, मुनीष कुमार पाण्डे, राजेश  उ. मोदी, भवानी शंकर दास, अंकित कुमार गोयल

45-46

15.       

बिनौला तेल से बायोडीजल - नवीनीकृत ईधन का स्त्रोत

राजेश उ. मोदी, शरद कुमार नामदेव और भवानी शंकर दास

47-49